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आत्मोन्नति विषयक प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन
Event Start Date : 14/07/2026 Event End Date 14/07/2026

डी.ए.वी. मॉडल स्कूल सेक्टर-15-ए चण्डीगढ़ में आत्मोन्नति विषयक प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन:
 
दिनांक 14 जुलाई 2026 को डी.ए.वी. मॉडल स्कूल, सेक्टर-15ए, चण्डीगढ़ में आर्य युवा समाज के तत्वावधान में "आत्मोन्नति विषयक व्याख्यान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविकास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं वैदिक जीवन-दृष्टि के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
 
इस अवसर पर आमंत्रित विद्वान ब्रह्मचारी श्रुतांत आर्य जी ने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रेरणादायी एवं संवादात्मक शैली में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों क्षेत्रों में संतुलित एवं सर्वांगीण विकास के लिए सर्वप्रथम अपने जीवन का स्पष्ट उद्देश्य (Goal) निर्धारित करना आवश्यक है। लक्ष्यहीन जीवन दिशा-विहीन हो जाता है, जबकि स्पष्ट उद्देश्य, अनुशासन एवं सतत पुरुषार्थ व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुँचाते हैं।
 
उन्होंने अपने सारगर्भित एवं सैद्धान्तिक व्याख्यान में महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की वैचारिक क्रान्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि वैदिक ज्ञान मनुष्य को अन्धविश्वास, कुरीतियों एवं सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर विवेकपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। महर्षि दयानन्द का सम्पूर्ण जीवन सत्य, तर्क, स्वाध्याय तथा आत्मोन्नति का अनुपम उदाहरण है।
 
ब्रह्मचारी श्रुतांत आर्य जी ने कहा कि मनुष्य नैमित्तिक ज्ञान, अपनी बुद्धि एवं विवेक के आधार पर जीवन में आने वाली बुराइयों से स्वयं को बचा सकता है। यदि व्यक्ति सकारात्मक चिन्तन अपनाकर सत्य, सदाचार, अनुशासन, परिश्रम एवं आत्मसंयम जैसे सद्गुणों को धारण करे तो वह अपने जीवन के प्रत्येक लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकता है।
 
विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप प्रश्नोत्तर एवं संवाद शैली में प्रस्तुत इस व्याख्यान ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जीवन-निर्माण से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विद्वान वक्ता ने सरल, तार्किक एवं प्रेरक उत्तर दिया।
 
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अनुजा शर्मा ने ब्रह्मचारी श्रुतांत आर्य जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्याख्यान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र विकास तथा जीवन-मूल्यों के संवर्धन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे व्याख्यान से प्राप्त शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर अनुशासित, संस्कारित एवं राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित नागरिक बनने का संकल्प लें।
 
कार्यक्रम का समापन सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं आत्मोन्नति की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।
 
 
 
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